गतौरा स्टेशन के पास कोयला मालगाड़ी में लगी आग, बिलासपुर रेल मंडल में मचा हड़कंप धुएं से दहला इलाका, समय रहते रोकी गई ट्रेन… बड़ा रेल हादसा टला

गतौरा स्टेशन के पास कोयला मालगाड़ी में लगी आग, बिलासपुर रेल मंडल में मचा हड़कंप
धुएं से दहला इलाका, समय रहते रोकी गई ट्रेन… बड़ा रेल हादसा टला

बिलासपुर, 14 मई 2026। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब कोयला लेकर जा रही एक मालगाड़ी के वैगन में अचानक भीषण आग लग गई। घटना गतौरा रेलवे स्टेशन के पास की बताई जा रही है। वैगन से उठते घने धुएं को देखकर रेलवे कर्मचारियों के होश उड़ गए और तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। आनन-फानन में मालगाड़ी को स्टेशन के पास ही रोक दिया गया, जिससे एक बड़ा रेल हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मालगाड़ी बिलासपुर की ओर आ रही थी और उसमें कोयले से भरे कई वैगन जुड़े हुए थे। इसी दौरान अचानक एक वैगन से धुआं उठता दिखाई दिया, जो देखते ही देखते आग में बदलने लगा। आग और धुएं का गुबार इतना तेज था कि आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। रेलवे कर्मचारियों ने बिना देर किए इसकी सूचना उच्च अधिकारियों और दमकल विभाग को दी।

सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने रेलवे कर्मचारियों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने के लिए मोर्चा संभाला। कोयले में आग लगने के कारण आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि कोयला लंबे समय तक सुलगता रहता है और उससे लगातार धुआं निकलता है। कई घंटों तक राहत और बचाव कार्य जारी रहा।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि भीषण गर्मी और अत्यधिक तापमान के चलते कोयले में स्वतः आग लगी हो सकती है। इन दिनों छत्तीसगढ़ में तापमान लगातार बढ़ रहा है और तेज गर्म हवाओं का असर साफ दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक तेज गर्मी, घर्षण और दबाव के कारण कोयले में स्वतः दहन की स्थिति बन जाती है। हालांकि रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है और तकनीकी पहलुओं को भी खंगाला जाएगा।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि समय रहते धुआं दिखाई देने और ट्रेन को तत्काल रोक देने से बड़ी दुर्घटना टल गई। यदि आग अन्य वैगनों तक फैल जाती तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास के ट्रैक पर कुछ समय के लिए रेल संचालन भी प्रभावित किया गया, जिससे अन्य ट्रेनों की आवाजाही धीमी पड़ गई।
घटना में किसी प्रकार की जनहानि की खबर सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और मालगाड़ियों में आग से बचाव के इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आग देर से दिखाई देती, तो बड़ा विस्फोट या बड़ा रेल हादसा भी हो सकता था।
फिलहाल रेलवे प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है। आग बुझाने के बाद संबंधित वैगन की तकनीकी जांच की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग गर्मी के कारण लगी या इसके पीछे कोई तकनीकी लापरवाही जिम्मेदार थी।















